उत्तर प्रदेश - सामाजिक सशक्तिकरण, प्रयास एवं परिणाम

उत्तर प्रदेश - सामाजिक सशक्तिकरण, प्रयास एवं परिणाम

किसी भी राज्य की वास्तविक प्रगति केवल उसकी ऊंची इमारतों या एक्सप्रेस-वे से नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के चेहरे की मुस्कान से मापी जाती है। उत्तर प्रदेश आज बदलाव और सामाजिक सशक्तिकरण (Social Empowerment) की एक नई और स्वर्णिम इबारत लिख रहा है। जहाँ एक तरफ आधी आबादी को 'मिशन शक्ति' और 'उज्ज्वला योजना' से संबल मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ किसानों, बेसहारा वृद्धजनों और गरीब छात्रों को पेंशन व छात्रवृत्ति के जरिये आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इस विस्तृत लेख में हम जानेंगे कि कैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और रोजगार के क्षेत्र में उठाए गए ऐतिहासिक कदमों से नए उत्तर प्रदेश की नींव मजबूत हो रही है। आइए, यूपी के इस प्रगतिशील सफरनामे को करीब से समझें।
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कोई समाज अथवा देश-प्रदेश शक्तिशाली और आत्मनिर्भर तब बन सकता है जब उसका प्रत्येक वर्ग सशक्त हो। शरीर का एक अंग भी कमजोर अथवा अशक्त हो तो प्रगति की राह पर आगे बढ़ पाना कठिन होता है।

उत्तर प्रदेश: सामाजिक सशक्तिकरण एवं प्रगति

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना (अनुदान प्रवाह)

कुल अनुदान
₹ 51,000 प्रति जोड़ा
कन्या के खाते में
₹ 35,000 (सीधा हस्तांतरण)
विवाह सामग्री
₹ 10,000 (आवश्यक वस्तुएं)
आयोजन व्यय
₹ 6,000 (कार्यक्रम हेतु)

प्रमुख पेंशन एवं सहायता योजनाएं

योजना का नाम अनुदान राशि पात्रता / मुख्य बिंदु
वृद्धावस्था / किसान पेंशन ₹ 500 प्रतिमाह 60+ वर्ष आयु। वार्षिक आय सीमा: ₹46,080 (ग्रामीण) एवं ₹56,460 (शहरी)।
विधवा पेंशन योजना ₹ 500 प्रतिमाह 21.69 लाख निराश्रित महिलाओं को लाभ। आयु सीमा की बाध्यता समाप्त।
दिव्यांगजन पेंशन ₹ 500 प्रतिमाह प्रदेश के अशक्त एवं दिव्यांग नागरिकों हेतु।
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना ₹ 30,000 एकमुश्त BPL परिवार के मुख्य कमाऊ मुखिया (18-60 वर्ष) की मृत्यु पर आश्रित को।
अत्याचार उत्पीड़न आर्थिक सहायता ₹ 85,000 - ₹ 8,25,000 SC/ST वर्ग के व्यक्तियों को घटना की प्रकृति के आधार पर।

विभिन्न क्षेत्रों में सशक्तिकरण के परिणाम

महिला सशक्तिकरण

  • उज्ज्वला योजना: 1.47 करोड़ महिलाओं को निःशुल्क रसोई गैस।
  • बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ: 17 जनपदों में संचालित।
  • सुरक्षा: 'मिशन शक्ति' एवं एंटी रोमियो स्क्वायड।
  • कन्या सुमंगला योजना: बालिकाओं के उज्जवल भविष्य हेतु।

शिक्षा एवं छात्रवृत्ति

  • स्कूल चलो अभियान: 1.80 करोड़ बच्चों का नामांकन।
  • आश्रम पद्धति विद्यालय: 76 विद्यालय (36,480 छात्र क्षमता) संचालित।
  • छात्रवृत्ति: कक्षा 9 से 12 तक के गरीब छात्रों को लाभ।
  • बालिकाओं को स्नातक तक निःशुल्क शिक्षा।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य

  • आयुष्मान भारत: 1.18 करोड़ परिवारों को ₹ 5 लाख का कवर।
  • जापानी इंसेफेलाइटिस की मृत्यु दर में 65% की भारी कमी।
  • गोरखपुर एवं रायबरेली में एम्स (AIIMS) का निर्माण।
  • 15 नये मेडिकल कॉलेजों एवं अटल चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना।

कृषि, इन्फ्रास्ट्रक्चर व रोजगार

  • कृषि: ₹73,000 करोड़ गन्ना भुगतान, 86 लाख किसानों का ऋण मोचन।
  • एक्सप्रेस-वे: 341 किमी पूर्वांचल, 640 किमी गंगा एक्सप्रेस-वे।
  • आवास: ग्रामीण (12.82 लाख) व शहरी (12.97 लाख) आवास प्रगति पर।
  • रोजगार: 2.25 लाख पारदर्शी भर्तियां पूर्ण।
सामाजिक सशक्तिकरण के इस महत्व को समझते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अनेक योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं-

उत्तर प्रदेश पेंशन योजना

उत्तर प्रदेश सरकार अपनी पेंशन योजना के अंतर्गत वृद्धावस्था/किसान पेंशन, विधवा पेंशन और विकलांग पेंशन योजना संचालित कर रही है। उत्तर प्रदेश पेंशन योजना के अन्तर्गत वर्तमान में राज्य में 86.95 लाख लोग लाभ ले रहे हैं। वृद्धावस्था/किसान पेंशन योजना के अन्तर्गत 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के वृद्धजनों को ₹ 500 प्रतिमाह/प्रतिव्यक्ति की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जाती है। इसके अतिरिक्त विधवा पेंशन ₹ 500 प्रति लाभार्थी/प्रतिमाह की दर से भुगतान किया जाता है। दिव्यांगजन को प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिमाह/प्रतिव्यक्ति ₹ 500 की पेंशन उपलब्ध कराई जा रही है।
वृद्धावस्था/किसान पेंशन ऐसे वृद्धजनों को दी जा रही है जिनकी आय सीमा ग्रामीण क्षेत्र में ₹ 46,080 एवं शहरी क्षेत्र में ₹ 56,460 वार्षिक तक होती है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने 11 जून, 2019 को 60-79 वर्ष की आयु के लाभार्थियों को प्रदान किये जाने वाले ₹ 400 प्रति लाभार्थी मासिक पेंशन से बढ़ाकर ₹ 500 कर दिया। इसमें केन्द्र और राज्य अंश क्रमशः ₹ 200 तथा ₹ 300 है।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ

बाल लैंगिक अनुपात में वृद्धि एवं बालिकाओं को अनिवार्य शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के 17 जनपदों में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना संचालित की जा रही है। यह जनपद हैं - आगरा, मथुरा, बागपत, मेरठ, बुलन्दशहर, गौतमबुद्ध नगर, झांसी, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, कन्नौज, गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, लखनऊ, बरेली एवं हाथरस।

उज्ज्वला योजना

इस केन्द्र पुरोनिधानित योजना में राज्य सरकार का अंश 40 प्रतिशत है। इसमें गरीबी रेखा से नीचे गुजर करने वाली महिलाओं को सरकार द्वारा निःशुल्क एलपीजी गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया जाता है। मौजूदा समय में प्रदेश में लगभग 147 लाख 58 हजार परिवारों को उज्ज्वला योजना का लाभ प्राप्त हो चुका है।

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना

राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के अन्तर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवार के मुख्य कमाऊ मुखिया की मृत्यु होने पर उसके आश्रित को ₹ 30,000 एक मुश्त आर्थिक सहायता दिये जाने की व्यवस्था है। योजना के अंतर्गत आश्रित को सहायता मिलने के लिए आवश्यक है कि मृतक की आयु सीमा 18 से 60 वर्ष के बीच रही हो।

गरीब विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति

प्रदेश सरकार ने गरीब परिवारों के छात्रों को पूर्वदशम् और दशमोत्तर व्यवस्था के अन्तर्गत छात्रवृत्ति देने की व्यवस्था की है। इस छात्रवृत्ति का लाभ वह सभी छात्र ले सकते हैं, जो उत्तर प्रदेश में अध्ययनरत हैं। पूर्वदशम् छात्रवृत्ति के अन्तर्गत कक्षा 9 व 10 के छात्रों को और दशमोत्तर छात्रवृत्ति के अन्तर्गत कक्षा 11 एवं 12 के छात्रों को छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है। यह छात्रवृत्ति अनावासीय तथा छात्रावासी दोनों प्रकार के विद्यार्थियों को उपलब्ध करायी जाती है।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों के विवाह हेतु अनुदान की व्यवस्था की गयी है। प्रत्येक जोड़े के लिए ₹ 51,000 की धनराशि की व्यवस्था की गयी है, जिसमें ₹ 35000 सीधे कन्या के खाते में, ₹ 10,000 की आवश्यक सामग्री और शेष ₹ 6,000 कार्यक्रम के आयोजन के लिए प्रदान की जाती है।

राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों की स्थापना

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। प्रत्येक कक्षा में अधिकतम 40 छात्र रखे जाते हैं। अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति, स्वच्छकार, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) तथा सामान्य वर्ग के निर्धन छात्र/छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन, वस्त्र, स्टेशनरी एवं खेलकूद की सुविधा प्रदान की जाती है। शासन द्वारा 90 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय स्वीकृत हैं, जिसमें 76 विद्यालय संचालित हैं। संचालित 76 विद्यालयों की कुल स्वीकृत प्रवेश क्षमता 36,480 छात्र/छात्राओं की है।

वृद्धाश्रमों का संचालन

अशक्त माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण हेतु प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में निजी-सार्वजनिक साझेदारी (PPP) मॉडल के तहत स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से वृद्धाश्रमों का संचालन किया जा रहा है, जिनकी क्षमता 150 वृद्ध संवासियों की है। इन वृद्धाश्रमों में निःशुल्क आवास, भोजन, वस्त्र, औषधि, मनोरंजन, पर्सनल केयर की सामग्री की पूर्ण सुविधा प्रदान की जाती है। प्रत्येक वृद्धाश्रम में शुद्ध पेयजल हेतु आर.ओ. मशीन की व्यवस्था की गयी है।
लखनऊ स्थित आवासी गृह में 50 अशक्त एवं वृद्धजनों के रहने की व्यवस्था की गयी है। शासन द्वारा इन्हें प्रतिमाह भरण-पोषण हेतु ₹ 1200, औषधि हेतु ₹ 200 तथा मरणोपरांत दाह-संस्कार हेतु एकमुश्त ₹ 4,000 की सहायता दी जाती है।

निःशुल्क बोरिंग योजना

निःशुल्क बोरिंग योजना के अन्तर्गत अनुसूचित जाति परिवार, लघु एवं सीमान्त कृषकों के खेतों में बोरिंग करायी जाती है। योजनान्तर्गत प्रति बोरिंग ₹ 10,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।

अत्याचार उत्पीड़न की दशा में आर्थिक सहायता

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्तियों के विरुद्ध विभिन्न कारणों से अत्याचार एवं अपराध की घटनाओं की रोकथाम के लिए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 का प्रावधान किया गया है। इस अधिनियम के अन्तर्गत अत्याचार से प्रभावित अनुसूचित जाति के व्यक्तियों या परिवारों को न्यूनतम ₹ 85,000 से लेकर अधिकतम ₹ 8,25,000 तक की आर्थिक सहायता घटना की प्रकृति के आधार पर उपलब्ध करायी जाती है।

छात्रावासों का संचालन

अपने घर से दूर रहकर अध्ययन करने वाले अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं के आवासीय समस्या के निदान हेतु समाज कल्याण विभाग द्वारा छात्रावासों का निर्माण कराया गया है। इन छात्रावासों में छात्रों को निःशुल्क आवासीय व्यवस्था, फर्नीचर, विद्युत की सुविधा उपलब्ध करायी जाती है।
समाज कल्याण विभाग ने प्रदेश में कुल 262 छात्रावासों का निर्माण करवाया है। बालक एवं बालिकाओं के लिए पृथक-पृथक छात्रावास संचालित हैं।

गरीब व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी अनुदान योजना

अनुसूचित जाति/सामान्य वर्ग के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक आय शहरी क्षेत्र में ₹ 56,460 तथा ग्रामीण क्षेत्र में ₹ 46,080 तक होती है एवं वर की न्यूनतम आयु 21 वर्ष एवं कन्या की आयु 18 वर्ष हो, को ₹ 20,000 की अनुदान राशि आवेदक के बैंक खाते में सीधे अन्तरित की जाती है। शादी अनुदान के लिए विवाह तिथि से 90 दिन पहले या 90 दिन बाद तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

आवर्तक अनुदान पर संचालित प्राइमरी पाठशालाएं

ऐसे संगठन जो अनुसूचित जाति के बच्चों की शिक्षा में रुचि रखते हैं और प्राथमिक पाठशालाओं को संचालित कर शिक्षा देते हैं, उन्हें शासन की वित्तीय स्थिति तथा नीतियों के अनुसार आवर्तक अनुदान दिया जाता है। अनुदान के लिए स्वैच्छिक संगठनों द्वारा संचालित विद्यालयों में इस बात का विशेष ध्यान दिया जाता है कि उसमें अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं की संख्या 50 प्रतिशत से कम न हो। वर्तमान में प्रदेश में ऐसे विद्यालयों की कुल संख्या 584 है।

विभिन्न क्षेत्रों में सशक्तिकरण के प्रयास एवं परिणाम

कृषि

  • ₹ 73,000 करोड़ से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान।
  • ₹ 36,000 करोड़ तक 86 लाख लघु एवं सीमांत किसानों का ऋण मोचन।
  • गेंहू, धान, दलहन, तिलहन की एम.एस.पी. में वृद्धि करते हुए किसानों से 227 लाख मी. टन खाद्यान्न की सरकारी खरीद।

पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया
  • अब तक 2 लाख 25 हजार भर्तियां पूर्ण।
  • पुलिस, शिक्षा एवं अन्य विभागों में भर्ती की पारदर्शी प्रक्रिया जारी।

पर्यटन के क्षेत्र में
  • प्रयागराज में 'दिव्य कुम्भ-भव्य कुम्भ' का आयोजन।
  • मथुरा में रंगोत्सव व अयोध्या में भव्य दीपोत्सव का आयोजन।
  • काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का विकास।
  • अयोध्या में दीपोत्सव कार्यक्रम

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य

  • 'आयुष्मान भारत' योजना से 1 करोड़ 18 लाख गरीब परिवारों को ₹ 5 लाख तक का चिकित्सा कवर एवं छूटे हुए 10 लाख 56 हजार परिवारों को 'मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना' का लाभ।
  • जापानी इंसेफेलाइटिस की रोकथाम में 35 प्रतिशत एवं मृत्यु दर में 65 प्रतिशत की कमी।
  • गोरखपुर एवं रायबरेली में एम्स का निर्माण।
  • 15 नये मेडिकल कॉलेजों की स्थापना-कार्य प्रगति पर।
  • लखनऊ में अटल चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना।

एक्सप्रेस-वे का विस्तार

  • 341 किमी लम्बे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का तेजी से निर्माण।
  • 91 किमी लम्बे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे एवं 297 किमी लम्बे बुंदेलखण्ड एक्सप्रेस-वे के लिये निर्माण-प्रक्रिया प्रारम्भ।
  • मेरठ से प्रयागराज तक 640 किमी लम्बे गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण।

शिक्षा

  • 'स्कूल चलो अभियान' में 1.80 करोड़ बच्चों का नामांकन एवं बालिकाओं को स्नातक तक निःशुल्क शिक्षा।
  • 193 नये इण्टर कॉलेजों का संचालन।
  • 51 नये राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना का कार्य प्रगति पर।
  • 24 राजकीय पॉलिटेक्निक एवं 4 राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना।

बिजली

  • जनपद मुख्यालयों को 24 घण्टे, तहसील मुख्यालयों को 20 घण्टे एवं ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घण्टे विद्युत आपूर्ति।
  • 1 करोड़ 9 लाख से अधिक नये विद्युत कनेक्शन एवं सूर्यास्त के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत कटौती पर पूर्णतः रोक।

स्वच्छता

  • सभी जनपदों को ओ.डी.एफ. (खुले में शौच मुक्त) घोषित एवं ग्रामीण क्षेत्र में 2 करोड़ 61 लाख परिवार व्यक्तिगत शौचालयों से आच्छादित।
  • नगर क्षेत्र में 4000 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण।

श्रमिक कल्याण

  • 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके श्रमिकों को प्रतिमाह ₹ 1000 की पेंशन।
  • प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना के अन्तर्गत 5 लाख 13 हजार 917 श्रमिकों का पंजीकरण।
  • पारम्परिक कारीगरों, बढ़ई, दर्जी, नाई, स्वर्णकार आदि के लिये विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना।
  • 'उत्तर प्रदेश माटी कला बोर्ड' का गठन।

सिंचाई

  • 46 वर्षों से लम्बित बाण सागर परियोजना सहित 8 सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण कर 2 लाख 67 हजार हेक्टेयर सिंचन क्षमता में वृद्धि।
  • बुंदेलखण्ड में 8384 खेत तालाबों का निर्माण।
  • 50 लाख किसान ड्रिप स्प्रिंकलर सिंचाई योजना से लाभान्वित तथा निःशुल्क बोरिंग के माध्यम से 1 लाख 61 हजार 485 हेक्टेयर सिंचन क्षमता में वृद्धि।

महिला सशक्तिकरण

  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में 1 करोड़ 47 लाख गरीब महिलाओं को निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन।
  • अराजक तत्वों से सुरक्षा हेतु एंटी रोमियो स्क्वायड का गठन।
  • मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का क्रियान्वयन। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में निर्धन परिवारों के 68,108 कन्याओं की शादी।
  • निराश्रित महिला पेंशन हेतु आयु सीमा की बाध्यता समाप्त।
  • 21 लाख 69 हजार निराश्रित महिलाओं को पेंशन।
  • अल्पसंख्यक वर्ग की निर्धन पुत्रियों की शादी के लिये अनुदान।
  • समस्त जिलों में 181 महिला हेल्पलाइन व रेस्क्यू वैन संचालित।
  • 'मिशन शक्ति' की शुरुआत

प्रधानमंत्री आवास योजना

  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 12 लाख 82 हजार आवास निर्मित।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में 12 लाख 97 हजार 212 आवासों का निर्माण प्रगति पर।

नगरीय विकास योजना

  • स्मार्ट सिटी मिशन योजना में प्रदेश के 12 शहरों (लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, सहारनपुर, बरेली, झांसी, मुरादाबाद, गाजियाबाद, रामपुर एवं अलीगढ़) में ₹ 20 हजार करोड़ की परियोजनायें प्रगति पर एवं 60 शहरों में 'अमृत योजना' के तहत कार्य शुरू।
  • 'नमामि गंगे परियोजना' के तहत 45 सीवरेज परियोजनायें स्वीकृत, 12 परियोजनायें पूर्ण एवं शेष का निर्माण कार्य प्रगति पर।

दोस्तों, हमें उम्मीद है कि इस लेख में दी गई जानकारी आपके लिए मददगार साबित हुई होगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सही और सटीक जानकारी होना बहुत जरूरी है। ऐसे ही महत्वपूर्ण टॉपिक्स को आसान भाषा में पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट WWW.UPGK.IN पर नियमित रूप से विजिट करते रहें। इस लेख को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूलें!

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Kartik Budholiya

Kartik Budholiya

उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत, भूगोल, कला-संस्कृति और सामान्य ज्ञान के विशेषज्ञ Kartik Budholiya छात्रों को UPPSC, UPSSSC, UP Police, UP Lekhpal, RO/ARO और अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए निरंतर शोध-परक कंटेंट साझा करते हैं।