जल शक्ति मिशन एवं अन्य केन्द्रीय योजनाएं (क्रियान्वयन एवं उपाय)

जल शक्ति मिशन एवं अन्य केन्द्रीय योजनाएं (क्रियान्वयन एवं उपाय)

उत्तर प्रदेश के विकास की कहानी सिर्फ ईंट और पत्थरों की नहीं, बल्कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े उस व्यक्ति के मुस्कुराने का सफरनामा है, जिसके जीवन में सरकारी योजनाओं ने नई रोशनी भरी है। हर घर शुद्ध जल पहुंचाने वाले 'जल शक्ति मिशन' की गूंज से लेकर 'पीएम सूर्यघर योजना' के उजालों और 'आयुष्मान भारत' के मजबूत सुरक्षा चक्र तक, केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाएं यूपी की तस्वीर तेजी से बदल रही हैं। इस विस्तृत लेख में आपको प्रतियोगी परीक्षाओं के नजरिए से उत्तर प्रदेश में लागू सभी महत्वपूर्ण केंद्रीय योजनाओं, उनके उद्देश्य और जमीनी स्तर पर उनके क्रियान्वयन की पूरी और प्रामाणिक जानकारी पढ़ने को मिलेगी।
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जल शक्ति मिशन: कालक्रम एवं विकास

वर्ष 2019 256 जल संकटग्रस्त जिलों में शुरुआत
वर्ष 2021 'कैच द रेन' (JSA: CTR) वार्षिक कार्यक्रम बना
वर्ष 2024 थीम: 'नारी शक्ति से जल शक्ति'
वर्ष 2025 थीम: 'जल संचय, जन भागीदारी' (हर बूंद अनमोल)

प्रमुख ऊर्जा, जल एवं आवास योजनाएं

2019

जल जीवन मिशन

  • लक्ष्य: प्रत्येक ग्रामीण घर को 'नल से जल'।
  • उपलब्धि (2025): 80.93% ग्रामीण घरों तक सुविधा।
  • यूपी में प्रभाव: 84.2% कवरेज (बुंदेलखंड में विशेष सुधार)।
2024

पीएम सूर्योदय / सूर्यघर योजना

  • लक्ष्य: 1 करोड़ छतों पर सोलर पैनल।
  • लाभ: 300 यूनिट निःशुल्क बिजली।
  • सब्सिडी: 1KW पर 30 हज़ार, 2KW पर 60 हज़ार रुपये।
2015

स्मार्ट सिटी व अमृत (AMRUT)

  • अमृत: 500 शहरों में जलापूर्ति व सीवरेज (अमृत 2.0 जारी)।
  • स्मार्ट सिटी: बुनियादी ढांचा, सतत विकास व गुणवत्तापूर्ण जीवन।
2015

प्रधानमंत्री आवास योजना

  • लक्ष्य: 'सभी के लिए आवास' उपलब्ध कराना।
  • नोडल एजेंसी: HUDCO और NHB।

सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं बीमा योजनाएं

योजना का नाम प्रारंभ वर्ष पात्रता / आयु सीमा प्रमुख लाभ
आयुष्मान भारत (PM-JAY) 2018 गरीब एवं कमजोर परिवार ₹5 लाख/वर्ष का मुफ़्त स्वास्थ्य बीमा
पीएम जन-धन योजना 2014 प्रत्येक परिवार बैंकिंग व्यवस्था (वित्तीय समावेशन)
पीएम सुरक्षा बीमा योजना 2015 18 से 70 वर्ष ₹2 लाख का दुर्घटना बीमा (₹12 प्रीमियम)
पीएम जीवन ज्योति बीमा 2015 18 से 50 वर्ष ₹2 लाख का जीवन बीमा (₹330 प्रीमियम)
अटल पेंशन योजना 2015 18 से 40 वर्ष 60 वर्ष आयु के बाद न्यूनतम मासिक पेंशन
राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन - 60+ वर्ष (BPL) ₹1,000 प्रतिमाह पेंशन

रोजगार, कौशल विकास एवं आजीविका

पीएम विश्वकर्मा योजना (2023)

  • 18 ट्रेड्स के कारीगरों/शिल्पकारों के लिए।
  • 5% ब्याज पर ₹3 लाख तक का ऋण।
  • ₹1,50,000 टूलकिट गारंटी व डिजिटल इंसेंटिव।

मनरेगा (MGNREGA - 2006)

  • ग्रामीण परिवारों के अकुशल श्रमिकों के लिए।
  • 1 वित्तीय वर्ष में 100 दिनों का गारंटी रोजगार।
  • सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण।

पीएम स्वनिधि (2020)

  • स्ट्रीट वेंडर्स (पटरी विक्रेताओं) के लिए।
  • ₹10,000 तक की प्रारंभिक कार्यशील पूंजी।
  • समय पर भुगतान पर 7% ब्याज सब्सिडी।

DAY-NULM / NRLM

  • NULM: शहरी गरीबों को कौशल प्रशिक्षण व स्व-रोजगार (₹2 लाख सब्सिडी)।
  • NRLM: ग्रामीण महिलाओं को SHG से जोड़कर स्वावलंबी बनाना।

श्रम संहिताओं में व्यापक सुधार

पूर्व स्थिति 29 पुराने एवं जटिल श्रम कानून
नवीन सुधार (4 श्रम संहिताएं) 1. वेतन संहिता
2. सामाजिक सुरक्षा संहिता
3. OSH (व्यावसायिक सुरक्षा)
4. औद्योगिक संबंध (IR) संहिता

कृषि एवं किसान कल्याण

पीएम किसान सम्मान निधि (2019)

  • भूमि धारक किसान परिवारों के लिए।
  • ₹6000 प्रति वर्ष (3 समान किस्तों में)।
  • DBT के माध्यम से सीधे खाते में।

पीएम फसल बीमा योजना (2016)

  • प्राकृतिक आपदा व रोगों से क्षति पर बीमा।
  • कम प्रीमियम दर पर वित्तीय सुरक्षा।

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC - 1998)

  • फसली ऋण की आसान उपलब्धता।
  • यूपी में 94 लाख+ किसानों को लाभ।

जल शक्ति मिशन

  • जल शक्ति मंत्रालय द्वारा वर्ष 2019 में देश के 256 जल संकटग्रस्त जिलों के 2,836 ब्लाकों में से एक 1,592 ब्लाकों जल शक्ति अभियान (मिशन) आरंभ किया गया।
  • वर्ष 2021 में 'जल शक्ति अभियान (मिशन) : कैच द रेन (JSA : CTR) का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर शुरूआत किया गया।
  • जल शक्ति अभियान: कैच द रेन (JSA : CTR) वर्ष 2021 से एक वार्षिक कार्यक्रम बन गया है।
  • वर्ष 2024 में यह अभियान 'नारी शक्ति से जल शक्ति' थीम के साथ क्रियान्वित किया गया।

जल शक्ति अभियान का लक्ष्य
  • जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन।
  • सभी जल निकायों की गणना, जियों टैगिंग तथा सूची बनाना।
  • सभी जिलों में जल शक्ति केन्द्रों की स्थापना।
  • गहन वन रोपण।
  • जागरूकता सृजन।

जल शक्ति मिशन का उद्देश्य

  • जल संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति समाज में जागरूकता पैदा करना।
  • जल संसाधनों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना।
  • जल उपयोग दक्षता में 20 प्रतिशत तक वृद्धि करना।
  • कम जल स्तर तथा अधिक जल दोहन वाले क्षेत्र का अध्ययन कर समस्या समाधान का उपाय ढूंढना।
  • बेसिन स्तर के एकीकृत जल संसाधनों का प्रबंधन करना।

जल शक्ति मिशन की आवश्यकता

  • देश-प्रदेश में प्रति व्यक्ति जल की उपलब्धता कम हो रही है। भारत शीघ्र ही पानी की कमी वाला देश बन सकता है।
  • देश में स्वतंत्रता के समय प्रति व्यक्ति जल की उपलब्धता 5 हजार घन मीटर हुआ करती थी, जो आज घटकर लगभग 1500 घन मीटर हो चुकी है।
  • उत्तर प्रदेश के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी भौगोलिक विविधता एवं जलवायु परिवर्तन के कारण जल तनाव का संकट निरंतर गंभीर होता जा रहा है।
  • नीति आयोग द्वारा हाल में जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत इतिहास में अब तक के सबसे गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। देश में लगभग 600 मिलीयन लोग, जो देश की जनसंख्या के 45 प्रतिशत हैं, उच्च गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं।

वर्ष 2025 में जल शक्ति अभियान

वर्ष 2025 में 'जल शक्ति अभियान : कैच द रेन' की शुरूआत 22 मार्च, 2025 (विश्व जल दिवस) को की गयी।
वर्ष 2025 के 'जल शक्ति अभियान : कैच द रेन' की थीम है-'जल संचय, जन भागीदारी'।
वर्ष 2025 के अभियान का स्लोगन है-'हर बूंद अनमोल'।
वर्ष 2025 के जल शक्ति अभियान : कैच द रेन में निम्नलिखित कार्यक्रमों पर विशेष बल दिया जा रहा है-
  • जल निकायों की सफाई।
  • भू-जल पुनर्भरण के लिए निष्क्रिय बोरवेलो को पुनर्जीवित करना।
  • जल निकायों की जियो टैगिंग, राजस्व रिकार्ड में मानचित्रण।
  • जल ग्रहण क्षेत्रों में गहन वन रोपण के प्रयास।
  • पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ की कटाई।
  • छोटी नदियों का कायाकल्प।

उत्तर प्रदेश में अन्य केंद्रीय योजनाएं

जल जीवन मिशन

  • जल जीवन मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2019 में आरंभ की गयी एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसका उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण घर को 'नल से जल' उपलब्ध कराना है।
  • उत्तर प्रदेश समेत देश के अधिकांश राज्यों में इस योजना के अच्छे परिणाम सामने आए हैं, यद्यपि कुछ पिछड़े क्षेत्र अभी भी इससे पूरी तरह लाभान्वित नहीं हो पाए हैं।
  • केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 16 जुलाई, 2025 तक भारत के 80.93 प्रतिशत ग्रामीण घरों को नल से पीने योग्य जल की सुविधा प्रदान की जा चुकी है।
  • देश में ग्रामीण भारत के कुल 19.36 करोड़ घरों में से 15.67 करोड़ घरों में नल कनेक्शन दिये जा चुके हैं।

उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन

जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी राज्यों में से एक है। राज्य में योजना शुरू होने के समय (2019) मात्र 5.16 लाख ग्रामीण परिवारों तक पेय जल सुविधा उपलब्ध थी, जो अब 2025 में बढ़कर 2.23 करोड़ परिवारों (लगभग 84.2 प्रतिशत) तक पहुंच चुकी है। इस दौरान प्रदेश में 13.43 करोड़ से अधिक ग्रामीणों को योजना से लाभान्वित किया गया है।
जल जीवन मिशन की सफलता से बुंदेलखण्ड अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के जीवन स्तर में विशेष सुधार आया है।

पीएम सूर्योदय योजना

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी, 2024 को प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना की घोषणा की। यह एक करोड़ घरों की छतों (Roof Top) पर सोलर पैनल लगाने की योजना है।
  • इस योजना के आरंभ होने से ग्रिड से जुड़ी बिजली की खपत कम होगी, जिससे उपभोक्ताओं को बचत प्राप्त होगी।
  • 1 फरवरी, 2024 को संसद में अंतरिम बजट प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने यह जानकारी दी कि पीएम सूर्योदय योजना के माध्यम से 1 करोड़ घरों की छत पर पैनल लगा कर निःशुल्क 300 यूनिट बिजली दी जाएगी।
  • योजना के अंतर्गत प्रति माह बिजली बिल में होने वाली बचत से ऋण की किस्त का भुगतान करने वाले लाभार्थी को अतिरिक्त बचत प्राप्त होगी। उदाहरण- प्रति माह 300 यूनिट बिजली की खपत करने वाला उपभोक्ता यदि 3 किलोवाट का रूफटॉप सोलर प्लांट लगाता है, तो उसे पूरी बिजली निःशुल्क मिलेगी, साथ ही प्रतिमाह ₹1875 के बिजली बिल का भुगतान भी नहीं करना होगा।

पीएम सूर्यघर योजना

  • इस योजना के तहत लोगों को 300 यूनिट तक निःशुल्क बिजली उपलब्ध करायी जाएगी।
  • योजना के लिए केन्द्र सरकार ने ₹75,021 करोड़ का प्रावधान किया है। इसके अंतर्गत 1 करोड़ घरों की छत पर सोलर प्लांट लगाने के लिए लोगों को सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
  • प्रत्येक परिवार को 1 किलोवाट क्षमता के प्लांट के लिए ₹30 हजार और 2 किलोवाट क्षमता प्लांट के लिए 60 हजार की सब्सिडी प्राप्त होगी।
  • विक्रेता द्वारा रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने के बाद डिस्कॉम की नेट मीटरिंग लगाई जाएगी, जिसका प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड होते ही सब्सिडी की राशि ग्राहक के बैंक खाते में सीधे स्थानांतरित कर दी जाएगी।

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना (एसजीएसवाई) 1 अप्रैल, 1999 को शुरू की गई। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
यह योजना एक समग्र कार्यक्रम है, जिसमें स्वयं सहायता समूहों का गठन, प्रशिक्षण, ऋण, प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचा और विपणन शामिल है।

उद्देश्य
  • गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार के माध्यम से आय उत्पन्न करने वाला साधन उपलब्ध कराना।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना को बढ़ावा देना।
  • स्वयं सहायता समूहों का गठन और उन्हें सशक्त बनाना।
  • गरीबों में कमजोर वर्गों, जैसे अनुसूचित जाति/जनजाति, महिलाओं और विकलांग व्यक्तियों पर विशेष ध्यान देते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाना।
  • योजना में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा 75:25 के अनुपात में व्यय भार उठाया जाता है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) की शुरूआत वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान की गयी थी। इसे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (NFSA) के तहत पात्र राशन कार्ड धारकों को प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलोग्राम मुफ्त खाद्यान्न प्रदान करने के लिये तैयार किया गया था।
यह योजना प्रारंभ में मात्र दिसंबर 2022 तक के लिए थी, किन्तु बाद में इसे दिसंबर 2023 तक के लिए बढ़ा दिया गया। दिसंबर 2023 के पश्चात योजना को अतिरिक्त पाँच वर्षों के लिये आगे बढ़ा दिया गया है

पीएम विश्वकर्मा योजना

  • प्रधानमंत्री ने 17 सितंबर, 2023 को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर ₹13,000 करोड़ की पीएम विश्वकर्मा योजना आरंभ की।
  • योजना का उद्देश्य देश के ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्र के कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक रूप से समर्थन दे कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाते हुए स्थानीय उत्पादों, कला और विविधता को समृद्ध करना है।
  • योजना के अंतर्गत 18 ट्रेड्स के कारीगरों को लाभ मिल सकेगा, जिनमें बढ़ई, नाव निर्माता, कुम्हार, सुनार, जूते बनाने वाले, हथौड़ा व टूलकिट निर्माता, राजमिस्त्री, दर्जी, मछली पकड़ने वाले आदि शामिल हैं।
  • पात्र कारीगरों को ₹3 लाख तक ऋण 5 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। प्रारम्भ में ₹1 लाख तक का ऋण दिया जाएगा तथा इस ऋण का पुनर्भुगतान होने पर ₹2 लाख का अतिरिक्त ऋण दिया जाएगा।
  • टूलकिट्स इंसेटिव के रूप में ₹1,50,000 की गारंटी दी जाएगी। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए भी इंसेटिव प्रदान की जाएगी।
  • तैयार उत्पादों के लिए क्वालिटी सर्टिफिकेशन, ब्रांडिंग और विज्ञापन तथा मार्केटिंग की सहायता योजना के तहत उपलब्ध करायी जाएगी।

स्ट्रीट वेंडर्स बने पीएम स्वनिधि योजना के ब्रांड एंबेसडर

  • उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 18 नवंबर, 2024 को लिए गये निर्णय के अनुसार राज्य में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (पीएम स्वनिधि) में स्ट्रीट वेंडर्स को ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया जाएगा।
  • प्रदेश सरकार का यह निर्णय सीमित समय के लिए है। इसका उद्देश्य योजना का प्रचार-प्रसार करना है।
  • पीएम स्वनिधि का पूरा नाम है प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि। यह जून 2020 में शुरू की गई एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। इसका उद्देश्य कोविड-19 महामारी के कारण प्रभावित स्ट्रीट वेंडर्स को माइक्रो-क्रेडिट सुविधाएं प्रदान करना है।
  • इसके अंतर्गत स्ट्रीट वेंडर्स (पटरी विक्रेता) को ₹10,000 तक की प्रारंभिक कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराई जाती है।
  • विक्रेता को ऋण का शीघ्र या समय पर भुगतान करने पर 7 प्रतिशत की दर से ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाती है।

‘नमस्ते’ योजना

  • ‘नमस्ते’ केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। इसका पूरा नाम ‘नेशनल एक्शन फार मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम’ है।
  • योजना का उद्देश्य सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सीवर के मैनहोल में सफाई करते समय गैस लीक होने से कर्मचारियों की प्रायः मौत हो जाती है या फिर वह बेहोश हो जाते हैं।
  • कई मामले ऐसे सामने आए हैं कि कर्मचारी की मौत होने पर पीड़ित परिवार में कमाने वाला कोई नहीं होता या फिर बेहोश होने वाले कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं होती कि परिजन उसका इलाज करा सकें।
  • ‘नमस्ते’ योजना का उद्देश्य सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। योजना के अंतर्गत कर्मचारियों का नगर निगम में रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है। रजिस्ट्रेशन के बाद कर्मचारियों को एक आईडी (परिचय पत्र) मिलेगी, जिसके जरिए उन्हें इलाज या आर्थिक सहायता प्राप्त हो सकेगी।

अमृत योजना

  • ‘अमृत’ (AMRUT) का पूरा नाम है- ‘अटल मिशन फॉर रेजुवेनेशन एण्ड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन।’ यह भारत सरकार की एक अतिमहत्वाकांक्षी परियोजना है। इसका उद्देश्य देश भर के चयनित 500 शहरों का कायाकल्प करना है।
  • भारत सरकार द्वारा ‘अमृत योजना’ की शुरुआत वर्ष 2011 में की गयी। इसके अंतर्गत शहरी क्षेत्र के परिवारों को जलापूर्ति, परिवहन, वहनीय ऊर्जा तथा संचार आदि से संबंधित आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के कार्यक्रम शामिल हैं।
  • ‘अमृत’ का मुख्य उद्देश्य गरीबों एवं वंचित परिवारों को आवश्यक शहरी सुविधाएं एवं रोजगार आदि उपलब्ध करा कर उनके जीवनस्तर तथा आय में सुधार लाना है।
  • यह योजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल (PPP) पर आधारित है। आवश्यकतानुसार इसके साथ ‘स्वच्छ भारत मिशन’ एवं ‘सभी के लिए आवास’ जैसी योजनाओं के साथ जल आपूर्ति, सीवरेज तथा बुनियादी ढांचा आदि से संबंधित स्थानीय राज्य की योजनाओं को भी जोड़ा जा सकता है।
  • इस योजना में बुनियादी ढांचा की स्थापना एवं उसके विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो शहरी पुनरुद्धार परियोजनाओं को लागू करके शहरी परिवर्तन के लिए पर्याप्त मजबूत सीवरेज नेटवर्क और पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करता है।
  • ‘अमृत’ योजना के अन्तर्गत 500 शहरों का चयन किया गया है। 2011 की जनगणना के अनुसार अनुसूचित नगर पालिकाओं वाले एक लाख से अधिक जनसंख्या के समस्त शहर, कस्बे एवं छावनी बोर्ड इसमें शामिल हैं।

अमृत योजना के उद्देश्य
  • प्रत्येक घर में पानी की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करना।
  • प्रत्येक घर में एक सीवरेज कनेक्शन के साथ नल तक जल की पहुँच हो, ऐसी व्यवस्था करना।
  • हरियाली और पर्यावरण अनुकूल खुले स्थान विकसित करके शहरों को सुविधायुक्त बनाना ।
  • शहरों में प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएं बढ़ाना, गैर-मोटर चालित परिवहन के लिए सुविधाओं का निर्माण करना।
  • जल आपूर्ति प्रणाली, सीवरेज, सेप्टेज, जल निकासी, शहरी परिवहन, हरित स्थान और पार्क, सुधार प्रबंधन और समर्थन, क्षमता निर्माण आदि में वृद्धि करना।
  • बच्चों और बुजुर्गों के अनुकूल सुविधाओं से युक्त पार्कों का विकास करना।

अमृत 2.0

यह अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन का द्वितीय संस्करण है, जिसे उत्तर प्रदेश समेत संपूर्ण देश में शहरी क्षेत्रों की बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए संचालित किया जा रहा है।
अमृत 2.0 का उद्देश्य शहरों में निरंतर/निर्बाध जल की आपूर्ति और सीवेज कनेक्शन की उपलब्धता बढ़ाकर जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
इसका लक्ष्य 500 अमृत शहरों में सीवेज प्रबंधन को जन सुलभ और सुविधाजनक बनाना है।
उत्तर प्रदेश सरकार उन शहरों की पहचान कर रही है, जहां योजना के तहत पेयजल आपूर्ति नेटवर्क का विस्तार, सीवेज उपचार संयंत्रों का निर्माण और आधुनिकीकरण, शहरी परिवहन प्रणालियों में सुधार, शहरी नियोजन और विकास किया जाना है।

दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन

  • दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के अंतर्गत देश के 4,041 तथा उत्तर प्रदेश के 130 शहरों और कस्बों को कवर कर पूरी शहरी आबादी के लिए योजना आरंभ की गयी है।
  • इस योजना का लक्ष्य शहरी गरीब परिवारों की गरीबी और जीविकोपार्जन संबंधी जोखिम को कम करते हुए लाभकारी स्वरोजगार और कुशल मजदूरीयुक्त रोजगार के अवसर उपलब्ध करा कर उन्हें अधिक सक्षम बनाना है।
  • योजना का उद्देश्य चरणबद्ध तरीके से शहरी बेघरों को आवश्यक सेवाओं से लैस आश्रय प्रदान कर उनके जीवन स्तर एवं आजीविका के साधनों में सुधार लाना है।
  • योजना शहरी सड़क विक्रेताओं की आजीविका संबंधी समस्याओं को दूर कर उनकी उभरते बाजार के अवसरों तक पहुँच को सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त जगह, संस्थागत ऋण, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास के साथ उसे सुविधाजनक बनाने का कार्य भी करती है।
  • उत्तर प्रदेश में इस कार्यक्रम के संचालन में राज्य शहरी आजीविका मिशन (सूडा) की प्रमुख भूमिका है।

प्रमुख लक्ष्य

  • कौशल प्रशिक्षण और स्थापन के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना।
  • मिशन के तहत शहरी गरीबों को प्रशिक्षित कर कुशल बनाना। इसके लिए प्रति लाभार्थी ₹15 हजार व्यय का प्रावधान किया गया है।
  • शहर आजीविका केंद्रों के माध्यम से शहरी नागरिकों को बाजारोन्मुख कौशल में प्रशिक्षित करना।
  • पात्र नागरिकों के प्रशिक्षण हेतु स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) का गठन करना, जिसमें प्रत्येक समूह को ₹10,000 तक की प्रारंभिक सहायता दी जाती है।
  • सूक्ष्म उद्यमों और समूह उद्यमों की स्थापना के जरिए स्व-रोजगार को बढ़ावा देना। इसमें व्यक्तिगत परियोजनाओं के लिए ₹2 लाख की ब्याज सब्सिडी और समूह उद्यमों पर ₹10 लाख तक की ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
  • शहरी बेघरों के लिए आश्रयों का निर्माण कराना।
  • बुनियादी ढांचे की स्थापना के माध्यम से विक्रेताओं और व्यापारियों के लिए विशिष्ट बाजार का विकास करना।
  • राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (NULM) का संचालन इस मान्यता के साथ किया जा रहा है कि गरीब लोग अधिक उद्यमी होते हैं और उनकी इच्छा गरीबी से बाहर निकलने की रहती है। उनकी क्षमताओं का उपयोग कर उनके लिए सार्थक और सुस्थिर आजीविका के साधन पैदा किये जा सकते हैं।

स्मार्ट सिटी मिशन

  • 'स्मार्ट सिटी मिशन' आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत एक अभिनव पहल है। यह योजना 25 जून, 2015 को शुरु की गयी।
  • इसका उद्देश्य चयनित शहरों को मुख्य बुनियादी ढांचा, स्वच्छ और टिकाऊ वातावरण प्रदान करना है।
  • इसका लक्ष्य शहर के विकास संबंधी कार्यक्रमों को एकीकृत करना, संसाधनों का अधिक कुशलता से उपयोग और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
  • शहरी विकास मंत्रालय ने 24 प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की है, जिन्हें शहरों को अपनी 'स्मार्ट सिटी' योजना में शामिल करना होता है।

आवश्यकता
  • यह योजना गरीबी उन्मूलन, रोजगार और अन्य बुनियादी सेवाओं के साथ सतत विकास लक्ष्यों जैसी प्राथमिकताओं के राष्ट्रव्यापी कार्यान्वयन को संचालित करने में सहायता करती है।
  • यह नगरपालिका सेवाओं की दक्षता में सुधार करती है।

स्मार्ट सिटी मिशन के उद्देश्य
  • शहरों को विकसित कर रोजगार के अवसर पैदा करना।
  • शहरों को रहने योग्य, समावेशी और टिकाऊ बनाना।
  • शहरों में मुख्य बुनियादी ढांचा का विकास कर वहां के निवासियों को अच्छा जीवन प्रदान करना।
  • स्मार्ट सिटी मिशन के तहत परियोजनाओं को पूरा करने के लिए शहरों को 5 वर्ष का समय दिया गया था, जिसमें स्मार्ट शहरों का प्रथम सेट 2021 में पूरा होने की संभावना थी।

चुनौतियां
  • स्मार्ट सिटी मिशन की प्रमुख चुनौतियां इस प्रकार हैं-
  • परियोजना की प्रगति अत्यंत धीमी है। इसमें अभी तक 50 प्रतिशत से कम कार्य पूरा किया जा सका है।
  • फंड जुटाने, उन्हें एसपीवी में स्थानांतरित करने और उनका कुशलतापूर्वक उपयोग करने में कठिनाई है।
  • यह साइबर अपराधियों द्वारा किए जाने वाले हैकिंग की चपेट में आ सकता है।
  • यह शहरों की बड़ी समस्याओं, जैसे वायु प्रदूषण, व्यापक भीड़ भाड़ और सार्वजनिक परिवहन में गिरावट पर प्रभावी कदम नहीं उठाती है।
  • यह पर्यावरण मंजूरी प्राप्त करने में एक बाधा की तरह है।

आयुष्मान भारत योजना

  • 'आयुष्मान भारत' योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहल है। इस योजना के अन्तर्गत 10.74 करोड़ से अधिक गरीब एवं कमजोर परिवारों को प्रत्येक वर्ष ₹5 लाख तक का निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है।
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के नागरिकों के लिए भारत सरकार द्वारा यह योजना संचालित की जा रही है। इस योजना को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के नाम से भी जाना जाता है।
  • योजना के अन्तर्गत अस्पताल में भर्ती होने से पहले के तीन दिन और अस्पताल में भर्ती होने के 15 दिन बाद तक के खर्च एवं संबंधित शुल्क शामिल हैं। इसके साथ ही, पात्र रोगियों को हजारों सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रथम श्रेणी की चिकित्सा देखभाल उपलब्ध होती है।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2018 में इस योजना की शुरुआत की गयी।
  • आयुष्मान योजना का व्यय 60 प्रतिशत केन्द्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
  • योजना में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना 2011 (एसईसीसी 2011) के तहत कमजोर लोगों को शामिल किया गया है।
  • प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों को दिया जाता है।
  • आदिवासी एससी/एसटी, भूमिहीन परिवार, दिहाड़ी मजदूर या ऐसा परिवार जिसमें दिव्यांग सदस्य है और उसके परिवार में शारीरिक रूप से सक्षम कोई वयस्क नहीं है, उन्हें भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलेगा।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना

  • इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। यह एक गैर अंशदायी योजना है।
  • योजनान्तर्गत 60 वर्ष या इससे अधिक आयु वर्ग के समस्त पात्र वृद्धजनों, जिनकी वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र में ₹46,080 एवं शहरी क्षेत्र में ₹56,460 से कम है, को ₹1,000 (₹800 राज्यांश एवं ₹200 केन्द्रांश) तथा 80 वर्ष या इससे अधिक आयु के पात्र वृद्धजनों को कुल ₹1,000 (₹500 राज्यांश एवं ₹500 केन्द्रांश) प्रतिमाह पेंशन दी जाती है।

राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना

  • यह योजना भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जा रही है।
  • योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहें परिवार के मुख्य कमाऊ मुखिया की मृत्यु होने पर भारत सरकार द्वारा ₹20,000 एवं राज्य सरकार द्वारा ₹10,000 का एक मुश्त अनुदान, सहायता राशि के रूप में दिया जाता है।

स्वामित्व योजना

  • स्वामित्व योजना का आरम्भ भारत सरकार द्वारा 24 अप्रैल 2020 को किया गया। यह योजना पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही है।
  • स्वामित्व योजना ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में संपत्ति के स्पष्ट स्वामित्व स्थापना की दिशा में एक सुधारात्मक कदम है, जिसमें ड्रोन तकनीक का उपयोग कर भूमि स्थल का मानचित्रण किया जाता है।
  • इसमें सम्पत्ति के मालिकों को स्वामित्व कार्ड जारी करने के साथ ग्रामीण परिवार के मालिकों को 'अधिकार का रिकार्ड' प्रदान किया जाता है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना

  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का आरम्भ 25 दिसंबर 2000 को हुआ। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में 500 या इससे अधिक आबादी वाले सड़क-संपर्क से वंचित बसावटों को बारहमासी सड़कों से जोड़ना है।
  • प्रदेश के नक्सल प्रभावित जनपद सोनभद्र, चन्दौली एवं मिर्जापुर में मानक को शिथिल करते हुए 250 या उससे अधिक आबादी के बसावटों को बारहमासी मार्गों से जोड़ने की योजना तैयार की गयी है।
  • योजना के प्रथम एवं द्वितीय चरण के अन्तर्गत प्रदेश में 7,162.55 किमी सड़क का निर्माण किया जा चुका है।
  • योजना के अन्तर्गत निर्मित मार्गों का 05 वर्ष तक रख-रखाव (अनुरक्षण) की जिम्मेदारी सम्बन्धित ठेकेदार की होती है। अनुरक्षण का बजट राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-3 के अंतर्गत 18,770.17 किमी लंबी सड़क की स्वीकृति हो चुकी है, जिसमें से 5376.33 किमी कार्य पूर्ण हो चुका है, शेष कार्य जारी है।

राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान

  • राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान एक केन्द्र पुरोनिधानित योजना है, जिसे वर्ष 2018-19 से संचालित किया जा रहा है।
  • इस योजना का उद्देश्य पंचायतों एवं ग्राम सभा की क्षमता एवं प्रभावशीलता में अभिवृद्धि तथा उनका सुदृढ़ीकरण करना है।
  • वित्तीय वर्ष 2022-23 में भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश हेतु ₹514.69 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना की स्वीकृति प्रदान की गयी।
  • योजना के अंतर्गत राज्य में 46,212 कॉमन सर्विस सेंटर (सी. एस.सी.) कक्षों का अनुमोदन किया गया है।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम

  • भारत सरकार द्वारा वर्ष 2008-09 से 18 वर्ष से अधिक आयु के बेरोजगारों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से यह योजना संचालित की जा रही है।
  • योजना को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया है।
  • उत्तर प्रदेश में योजना का क्रियान्वयन खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड तथा जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्रों द्वारा किया जा रहा है।
  • 13 मई 2022 को योजना में कुछ महत्वपूर्ण संशोधन किए गये हैं। विनिर्माण क्षेत्र की ₹50 लाख तक तथा सेवा क्षेत्र की ₹20 लाख तक की नई इकाइयों को स्थापित करने हेतु चिन्हित बैंकों से वित्तपोषण कराकर सरकारी सहायता के रूप में 15 से 35 प्रतिशत तक मार्जिन मनी के रूप में अनुदान दिया जाता है।
  • यह परिवर्तन 2 जून, 2022 से लागू कर दिया गया है। यह ग्रामीण तथा शहरी दोनों क्षेत्रों की परियोजनाओं को कार्यक्रम में सम्मिलित करता है।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना

  • भारत सरकार द्वारा 8 अप्रैल, 2015 प्रधानमंत्री मुद्रा योजना आरम्भ की गयी। इसका उद्देश्य गैर कॉर्पोरेट, गैर-कृषि छोटे तथा सूक्ष्म उद्यमियों को आय सृजन गतिविधियों के लिए ₹20 लाख तक के आसान आनुषंगिक-मुक्त (Collateral free) ऋण की सुविधा प्रदान करना है।
  • मुद्रा (माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट्स एण्ड रिफाइनेंस एजेंसी) योजना का लक्ष्य शिक्षित युवा एवं उद्यमियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर मुख्य धारा से जोड़ना है।
योजनान्तर्गत लाभार्थियों को तीन श्रेणी के ऋण प्रदान किए जाते हैं -
श्रेणी ( लाभार्थी/उद्यम ) ऋण
शिशु ₹50,000 तक।
किशोर ₹50,000 से ₹5 लाख तक।
तरूण ₹5 लाख से ₹20 लाख तक।

स्टैंड अप इण्डिया योजना

  • भारत सरकार द्वारा 5 अप्रैल 2016 को स्टैंड अप इण्डिया योजना आरम्भ की गयी।
  • योजना का उद्देश्य ग्रीनफील्ड उद्यम स्थापित करने के लिए अनुसूचित जाति (SC)/अनुसूचित जनजाति (ST) एवं महिला उद्यमियों को ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का ऋण उपलब्ध कराना है।
  • योजना के अंतर्गत प्रत्येक बैंक शाखा को एक अनुसूचित जाति/जनजाति एवं एक महिला उद्यमी को ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित है।
  • योजना के कार्यान्वयन में भारत के विभिन्न राज्यों में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है।

प्रधानमंत्री आवास योजना

  • प्रधानमंत्री आवास योजना, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है, जिसका आरम्भ 25 जून 2015 को किया गया।
  • योजना का उद्देश्य 'सभी के लिए आवास' उपलब्ध कराना है।
  • योजना के क्रियान्वयन हेतु हुडको (HUDCO) तथा राष्ट्रीय आवास बैंक (NHB) को नोडल एजेंसी के रूप में अधिकृत किया गया है।

प्रधानमंत्री जन-धन योजना

  • प्रधानमंत्री जनधन योजना वित्तीय समावेशन हेतु शुरू किया गया भारत सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है। इसका आरम्भ 28 अगस्त 2014 को किया गया।
  • योजना की घोषणा 15 अगस्त 2014 को प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गयी थी।
  • योजना का उद्देश्य प्रत्येक परिवार को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर देश में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है।
  • योजना के कार्यान्वयन में उत्तर प्रदेश का देश में प्रथम स्थान है।

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का आरम्भ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 8 मई, 2015 को कोलकाता में किया गया।
योजना के अंतर्गत बैंक खाता धारकों, जिनकी आयु 18 से 70 वर्ष के मध्य है, को ₹12 के प्रीमियम पर ₹2.0 लाख का दुर्घटना बीमा कवरेज प्रदान किया जाता हैं।

स्ट्राइव योजना

औद्योगिक मूल्य संवर्धन के लिए कौशल सुदृढ़ीकरण परियोजना (स्ट्राइव) विश्व बैंक की सहायता से संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आई टी आई) और प्रशिक्षुओं के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण की प्रासंगिकता और दक्षता में सुधार लाना है।
इस योजना का कार्यान्वयन भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है।
योजना के तहत विश्व बैंक और भारत सरकार में 19 दिसंबर, 2017 को समझौता हुआ।
इसके चार केंद्र बिन्दु हैं:-
  • आईटीआई का बेहतर कार्यनिष्पादन
  • आईटीआई और प्रशिक्षुओं के प्रशिक्षण में सहयोग हेतु राज्यों की क्षमता बढ़ाना
  • बेहतर शिक्षण और शिक्षा
  • बेहतर और व्यापक शिक्षुता प्रशिक्षण।

संकल्प योजना

आजीविका संवर्धन के लिए यह कौशल अधिग्रहण और ज्ञान जागरुकता (संकल्प), भारत सरकार की कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की परियोजना है। इसे विश्व बैंक से 500 मिलियन डॉलर (3300 करोड़) की सहायता प्राप्त है।
इसके तीन प्रमुख उद्देश्य हैं: -
  • केंद्रीय, राज्य और जिला स्तर पर संस्थागत सुदृढ़ीकरण
  • कौशल विकास कार्यक्रमों की गुणवत्ता का आश्वासन
  • कौशल विकास कार्यक्रमों में वंचित लोगों को शामिल करना।

सूक्ष्म और लघु उद्यम क्लस्टर विकास कार्यक्रम

  • भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा संचालित 'क्लस्टर विकास योजना' के माध्यम से क्षेत्र विशेष/क्लस्टर विशेष को भारत सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा संबंधित क्षेत्र में कॉमन फैसिलिटी सेन्टर स्थापित कराने हेतु विशेष प्रयोजन इकाई (Special Purpose Vehicle) के माध्यम से सहायता उपलब्ध करायी जाती है।
  • यह योजना 15वें वित्त आयोग (2021-22 से 2025-26) की अवधि के लिए है।
  • योजनान्तर्गत, 'सामान्य सुविधा केन्द्र' (कॉमन फैसिलिटी सेंटर) की स्थापना हेतु केन्द्र सरकार द्वारा ₹5 करोड़ की लागत वाली परियोजना पर 70 प्रतिशत तथा ₹10 करोड़ से ₹30 करोड़ तक लागत वाली परियोजना पर 60 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाता है।

स्फूर्ति योजना

  • स्फूर्ति योजना, भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा संचालित की जा रही है।
  • योजना का उद्देश्य पारंपरिक ढंग से कार्य कर रहें उद्योगों तथा उनके कारीगरों का सामूहिक रूप से कौशल विकास करना है।
  • योजनान्तर्गत कारीगरों की आय बढ़ाने हेतु कॉमन फैसिलिटी सेंटर, प्रौद्योगिकी उन्नयन, प्रशिक्षण, उत्पाद विकास, नवाचार, विपणन क्षमता, बेहतर पैकेजिंग तथा विपणन से संबंधित सुविधाएं मुहैया करायी जाती हैं।

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना

  • प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे मत्स्य पालन क्षेत्र के समग्र विकास तथा मछुआरों, मत्स्य कृषकों और अन्य हितधारकों की सामाजिक-आर्थिक उन्नति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मई 2020 में ₹20,500 करोड़ के परिव्यय के साथ शुरू किया गया।
  • उत्तर प्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 के अनुसार प्रदेश में 9.21 लाख मी. टन के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष दिसम्बर 2022 तक 6.81 लाख मी. टन मत्स्य उत्पादन हुआ है।

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना

  • प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, भारत सरकार का एक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने वाला कार्यक्रम है, जिसका आरम्भ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 9 मई 2015 को किया गया।
  • योजना के अंतर्गत बैंक खाता धारकों, जिनकी आयु 18 से 50 वर्ष के मध्य है, को ₹2.00 लाख का जीवन बीमा, ₹330 के वार्षिक प्रीमियम पर उपलब्ध कराया जाता है।
  • उत्तर प्रदेश में इस योजना के अंतर्गत मार्च 2022 तक 1.13 करोड़ व्यक्ति पंजीकृत किए गए तथा इस अवधि के दौरान 52,700 दावों के सापेक्ष 48,263 का निस्तारण किया गया।

अटल पेंशन योजना

  • अटल पेंशन योजना का आरम्भ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 9 मई, 2015 को किया गया। योजना का उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर असंगठित क्षेत्र के लोगों, को पेंशन की सुविधा उपलब्ध कराना है।
  • ऐसे व्यक्ति जिनकी आयु 18 से 40 वर्ष के मध्य है तथा उनके पास एक बचत बैंक/डाकघर खाता है, वे इस योजना का लाभ उठाने हेतु पात्र माने जाते हैं।
  • लाभार्थी के 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर उन्हें न्यूनतम मासिक पेंशन मिलनी आरम्भ हो जाती है।
  • उत्तर प्रदेश में मार्च 2022 तक 60.11 लाख लोगों का इस योजना के अंतर्गत पंजीकरण किया गया।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)

  • स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), भारत सरकार की केन्द्र प्रायोजित योजना है, जिसे 2 अक्टूबर, 2014 को प्रारंभ किया गया।
  • मिशन का उद्देश्य प्रदेश को खुले में शौच मुक्त (ODF) कर, ग्रामीण क्षेत्रों के सामान्य जीवन स्तर में सुधार लाना है।
  • वर्ष 2018-19 में प्रदेश के समस्त जनपदों को 'खुले में शौचमुक्त' (ODF) घोषित कर दिया जा चुका है।
  • योजनान्तर्गत प्रति व्यक्ति शौचालय निर्माण हेतु ₹12 हजार की राशि दी जाती है, जिसमे केन्द्रांश 60 प्रतिशत तथा राज्यांश 40 प्रतिशत होता है।

राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान

  • राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान, भारत सरकार की एक केन्द्र प्रायोजित योजना है, जिसे वर्ष 2018-19 से संचालित किया जा रहा है।
  • योजना का उद्देश्य पंचायतों तथा ग्राम सभा की क्षमता व प्रभावशीलता में अभिवृद्धि तथा उनका सुदृढ़ीकरण करना है।
  • योजना के अंतर्गत पंचायत प्रतिनिधियों/कर्मियों का प्रशिक्षण, पंचायत भवन निर्माण एवं मरम्मत, कॉमन सर्विस सेंटर की स्थापना, पंचायतों को कम्प्यूटर, डेस्कटॉप/लैपटॉप आदि से सुसज्जित करने के कार्य किये जा रहे हैं।
  • योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में वर्ष 2022 तक 15,720 क्लस्टर का निर्माण कराया गया।

समग्र शिक्षा अभियान

  • समग्र शिक्षा अभियान, भारत सरकार द्वारा संचालित एक केन्द्र प्रायोजित योजना है, जिसका संचालन प्रदेश के सभी जिलों में किया जा रहा है।
  • योजना के वित्तीय पोषण में भारत सरकार का अंश 60 प्रतिशत तथा राज्य सरकार का अंश 40 प्रतिशत है।
  • उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बजट 2023-24 में समग्र शिक्षा अभियान के लिए ₹20,255 करोड़ का प्रावधान किया है।
  • समग्र शिक्षा अभियान में 3 पूर्ववर्ती योजनाओं को समाहित किया गया है- सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और शिक्षक शिक्षा अभियान।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी अधिनियम (मनरेगा)

  • महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी अधिनियम (मनरेगा) को संसद द्वारा 25 अगस्त 2005 को पारित किया गया। योजना 2 फरवरी, 2006 को आरम्भ हुई।
  • अधिनियम का उद्देश्य ऐसे प्रत्येक ग्रामीण परिवार, जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रमकार्य करना चाहते हैं, को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों का गारंटी युक्त रोजगार उपलब्ध कराना है।
  • योजना ग्रामीण अवस्थापना के लिए सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण करती है।

दीन दयाल अन्त्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार मिशन

  • दीन दयाल अन्त्योदय योजना-एनआरएलएम (NRLM) भारत सरकार की समुदाय संचालित गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम है।
  • योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की कम से कम एक महिला सदस्य को समूह एवं अन्य सामुदायिक संस्था के माध्यम से संगठित कर स्वावलम्बी बनाना है।
  • गरीबों के लिए आजीविका विकल्पों में वृद्धि, बाहरी क्षेत्रों में रोजगार के अनुसार उनका कौशल विकास, स्वरोजगार तथा उनकी पारिवारिक आय को बढ़ाते हुए गरीबी दूर करने के उद्देश्य के साथ यह योजना कार्यान्वित की जा रही है।
  • आई.सी.डी.एस. (ICDS) द्वारा अभिसरण माध्यम से प्रदेश में 61,075 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए ड्राई राशन का वितरण 1,64,177 आँगनवाड़ी केन्द्रों में किया जा रहा है।
  • स्वयं सहायता समूह में कृषि आजीविका अन्तर्गत महिला कृषकों द्वारा पोषण सुरक्षा एवं आर्थिक उन्नयन हेतु 75065 'प्रेरणा पोषण वाटिका' का निर्माण एवं वर्तमान में 2085 उचित दर दुकानों का प्रबंधन किया जा रहा है। दुकान संचालन से प्रति समूह औसत ₹5000-7000 की मासिक आय का सृजन हो रहा है।

श्रम संहिताओं में व्यापक सुधार

  • मई 2025 में केन्द्र सरकार ने समस्त राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों को अपने वर्तमान श्रम कानूनों में परिवर्तन कर उन्हें अधिक व्यापक और अनुकूल बनाने के निर्देश दिये हैं।
  • भारत सरकार द्वारा निर्देश में कहा गया है कि कारोबारी सुगमता (इज ऑफ डूइंग बिजनेस) को प्रोत्साहित करने, श्रम संगठनों के साथ विवादों में उलझे बिना निवेश आकर्षित करने तथा रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से श्रम संहिताओं में व्यापक सुधार की आवश्यकता है।
  • केन्द्र सरकार ने यह पहल देश में चार नई श्रम संहिताओं को अधिसूचित करने के क्रम में आरंभ किया है।

चार नई श्रम संहिताएं
श्रम कानूनों में सुधार के उद्देश्य से भारत सरकार ने वर्षों से चले आ रहे 29 श्रम कानूनों को 4 श्रम संहिताओं में परिवर्तित करने का प्रस्ताव संसद में पारित किया है, यद्यपि ट्रेड यूनियनों ने इस पर आपत्ति दर्ज करायी है।

संसद में पारित चार श्रम संहिताएं हैं -
  • वेतन संहिता, 2019
  • सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020
  • व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता (OSH), 2020
  • औद्योगिक संबंध (IR) संहिता, 2020

देश में अनेक राज्यों ने इस श्रम संहिता को अपनाने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है।
राज्यों द्वारा किये गये प्रमुख श्रम सुधार एवं उनके परिणाम इस प्रकार हैं-
  • 31 राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में महिलाओं को रात की पाली में काम करने की अनुमति दी गयी।
  • 12 राज्यों ने त्रैमासिक ओवरटाइम घंटों की सीमा 75 घंटे से बढ़ाकर 125 घंटे कर दिया है।
  • 25 राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों ने निर्धारित अवधि के लिए रोजगार का प्रावधान किया है।
  • 19 राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों ने फैक्ट्री अधिनियम के लिए सीमा बढ़ा दी है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 18 फरवरी, 2016 को प्रारंभ की गयी। योजनान्तर्गत किसानों को सामान्य तथा वाणिज्यिक फसलों के लिए कम प्रीमियम दर पर बीमा सुविधा प्रदान किया जाता है।
  • यह योजना उत्तर प्रदेश के समस्त जनपदों में ग्रामस्तर पर संचालित की जा रही है।
  • योजना में प्राकृतिक आपदाओं, रोगों, बीमारी आदि के कारण फसलों की क्षति की स्थिति में कृषकों को बीमा कवर के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
  • योजना के तहत वर्ष 2017-18 से वर्ष 2022-23 खरीफ की अवधि तक प्रदेश के 48.21 लाख किसानों को ₹3957.37 करोड़ की क्षतिपूर्ति वितरित की जा चुकी है।

वर्ष क्षतिपूर्ति लाभ लाभार्थियों की संख्या
2017-18 373.98 करोड़ 5.89 लाख
2018-19 452.66 करोड़ 6.6 लाख
2019-20 1093.47 करोड़ 9.69 लाख
2020-21 501 करोड़ 6.38 लाख
2021-22 938.59 करोड़ 10.12 लाख
2022-23 597.68 करोड़ 10.07 लाख

किसान क्रेडिट कार्ड योजना

  • भारत सरकार द्वारा अगस्त 1998 में किसान क्रेडिट कार्ड योजना आरंभ की गयी।
  • योजना के अन्तर्गत प्रदेश में कार्यरत वाणिज्यिक, ग्रामीण एवं सहकारी बैंको से किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से समग्र एवं पर्याप्त फसली ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाती है।
  • राज्य में अक्टूबर 2022 तक 94 लाख किसानों को केसीसी ऋण दिया गया। प्रदेश सरकार 66 लाख किसानों को केसीसी जारी करने की योजना पर कार्य कर रही है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना

  • पीएम किसान एक केन्द्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे शत प्रतिशत केन्द्र सरकार द्वारा वित्तपोषित किया जा रहा है।
  • योजना का आरंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 24 फरवरी 2019 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद से किया गया।
  • योजना के अंतर्गत सभी भूमि धारक किसान परिवारों को तीन समान किस्तों में ₹6000 प्रति वर्ष की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
  • योजनान्तर्गत विभिन्न बहिष्करण श्रेणियां हैं, जिसके अंतर्गत आने वाले भूमिधारक योजना के लाभ हेतु पात्र नहीं होगें।
  • सहायता राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है।
  • योजना के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में है।
  • वर्ष 2022 में 1.26 करोड़ किसानों को प्रदेश में योजनान्तर्गत लाभ प्राप्त हुआ है।

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की घोषणा वर्ष 2003 में की गयी थी।

उद्देश्य
वहनीय/विश्वसनीय तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में क्षेत्रीय संतुलन को ठीक करना।
देश में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के लिए सुविधा को बढ़ाना।

योजना के दो घटक हैं -
  • अखिल भारतीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान (AIIMS) की स्थापना - इस घटक के तहत अभी तक कुल 22 नए एम्स की घोषणा की जा चुकी है, जिसमें से 6 कार्यरत हैं।
  • सरकारी मेडिकल कॉलेजों/संस्थानों का उन्नयन।
  • योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में एम्स गोरखपुर तथा एम्स रायबरेली की स्थापना की गयी है।

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Kartik Budholiya

Kartik Budholiya

उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत, भूगोल, कला-संस्कृति और सामान्य ज्ञान के विशेषज्ञ Kartik Budholiya छात्रों को UPPSC, UPSSSC, UP Police, UP Lekhpal, RO/ARO और अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए निरंतर शोध-परक कंटेंट साझा करते हैं।